सच्चे प्रेम की कहानी: कुँवर और राजकुमारी
एक समय की बात है। एक राजा के नगर में एक बहुत धनी व्यापारी रहता था। राजा ने अपने बच्चों को शिक्षा देने के लिए एक विद्यालय बनवाया था। नगर के लड़के-लड़कियाँ भी उस विद्यालय में पढ़ने जाते थे। व्यापारी का बेटा, जिसका नाम कुँवर था, वह भी वहाँ पढ़ता था। कुछ समय बाद सभी बच्चे पढ़ना-लिखना सीख गए। शाम के समय सभी लड़के अपने घोड़ों पर सवार होकर घूमने जाया करते थे।


