Recent Posts

श्री सत्यानारयण जी की आरती

 श्री सत्यनारायण भगवान को भगवान विष्णु का एक स्वरूप माना जाता है। वे सत्य, धर्म, श्रद्धा और भक्ति के प्रतीक हैं। भक्तजन अपने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और मनोकामना की पूर्ति के लिए सत्यनारायण व्रत और कथा का आयोजन करते हैं।




लकड़हारा और भाग्य की चिड़िया


एक समय की बात है। एक गरीब लकड़हारा था। एक दिन जंगल में लकड़ी काटते-काटते वह बहुत थक गया। वह एक पेड़ के नीचे बैठ गया और कुछ देर आराम करने लगा।

उसी समय एक छोटी-सी चिड़िया वहाँ से उड़ती हुई निकली। उसकी नज़र थके-हारे लकड़हारे पर पड़ी। उसकी दयनीय हालत देखकर चिड़िया को बहुत दुख हुआ।



गधा, कुत्ता, बिल्ली और मुर्गी


कुमाऊँ की पहाड़ियों के नीचे एक गधा रहता था। उसका मालिक एक किसान था, जो उससे दिन-रात काम करवाता था।

एक दिन गधे ने मन ही मन सोचा—

“मेरी आवाज़ कितनी भारी है और मैं कितना अच्छा गा सकता हूँ! मैं इस निर्दयी किसान के लिए क्यों काम करूँ? इसके बजाय मैं पास के शहर में जाकर गाना गाऊँगा और लोगों का मनोरंजन करके अपना जीवन बिताऊँगा!”