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लकड़हारा और भाग्य की चिड़िया


एक समय की बात है। एक गरीब लकड़हारा था। एक दिन जंगल में लकड़ी काटते-काटते वह बहुत थक गया। वह एक पेड़ के नीचे बैठ गया और कुछ देर आराम करने लगा।

उसी समय एक छोटी-सी चिड़िया वहाँ से उड़ती हुई निकली। उसकी नज़र थके-हारे लकड़हारे पर पड़ी। उसकी दयनीय हालत देखकर चिड़िया को बहुत दुख हुआ।



गधा, कुत्ता, बिल्ली और मुर्गी


कुमाऊँ की पहाड़ियों के नीचे एक गधा रहता था। उसका मालिक एक किसान था, जो उससे दिन-रात काम करवाता था।

एक दिन गधे ने मन ही मन सोचा—

“मेरी आवाज़ कितनी भारी है और मैं कितना अच्छा गा सकता हूँ! मैं इस निर्दयी किसान के लिए क्यों काम करूँ? इसके बजाय मैं पास के शहर में जाकर गाना गाऊँगा और लोगों का मनोरंजन करके अपना जीवन बिताऊँगा!”



भौंरा और गोबर का कीड़ा


वाराणसी शहर से बहुत दूर, धूप से चमकते एक खेत में एक गोबर का कीड़ा रहता था। वह पूरे दिन अपने लिए सुगंधित लगने वाले गाय के गोबर में खुशी-खुशी पड़ा रहता, गोबर की बड़ी-बड़ी गोलियाँ बनाता और बेफिक्र होकर खेलता रहता।


मगरमच्छ और ब्राह्मण


एक दिन एक ब्राह्मण घने जंगल से होकर जा रहा था। तभी एक मगरमच्छ ने उसे पुकारकर कहा,

“हे ब्राह्मण! मेरी मदद करो! मैं अपने माता-पिता से बिछड़ गया हूँ, जो पवित्र गंगा नदी में रहते हैं। लेकिन मुझे वहाँ जाने का रास्ता नहीं मालूम। कृपया मुझे उनके पास पहुँचा दो!”



राजकुमारी को हँसाने वाला हंसमुख हंस


बहुत समय पहले की बात है। एक राजा था, जिसकी एक बेटी थी। राजकुमारी इतनी सुंदर थी कि उसकी सुंदरता की चर्चा दूर-दूर तक होती थी। लेकिन वह इतनी उदास रहती थी कि कभी हँसती ही नहीं थी।


राजा और राजकुमार की अद्भुत कहानी


बहुत समय पहले की बात है। एक राजा था, लेकिन उसकी कोई संतान नहीं थी। एक दिन वह एक ऐसी जगह जाकर लेट गया जहाँ चार रास्ते मिलते थे, ताकि वहाँ से गुजरने वाला हर व्यक्ति उसके ऊपर से कदम रखकर आगे जाए।

सात रानियों का पुत्र


बहुत समय पहले की बात है। एक राजा था, जिसकी सात रानियाँ थीं, लेकिन उसकी कोई संतान नहीं थी। यह बात राजा के लिए बहुत बड़ा दुख थी। उसे विशेष रूप से इस बात की चिंता रहती थी कि उसकी मृत्यु के बाद राज्य का उत्तराधिकारी कौन बनेगा।

समुद्र के भँवर में छिपा रहस्यमयी महल


 भाग 1 — जिद्दी राजकुमार

एक समय की बात है। एक राजा था, जिसकी मृत्यु के बाद उसकी रानी और चार पुत्र पीछे रह गए। रानी अपने सबसे छोटे राजकुमार से बहुत अधिक प्रेम करती थी। वह उसे सबसे अच्छे कपड़े, सबसे अच्छे घोड़े, सबसे अच्छा भोजन और सबसे अच्छा सामान देती थी।


राजकुमार और तीन अद्भुत साथियों की कहानी


बहुत समय पहले की बात है। एक बूढ़ा राजा था और उसका केवल एक बेटा था। एक दिन राजा ने अपने बेटे को बुलाकर कहा,

“मेरे प्यारे बेटे! तुम जानते हो कि पुराने फल पेड़ से गिरते हैं ताकि नए फलों के लिए जगह बन सके। अब मेरा जीवन भी ढल रहा है। शायद जल्द ही मेरे जीवन का सूरज अस्त हो जाए। लेकिन तुम्हें विदा करने से पहले मैं तुम्हारी पत्नी, अपनी होने वाली बहू को देखना चाहता हूँ। मेरे बेटे, अब तुम विवाह कर लो।”


ड्रैगन और तीसरा राजकुमार


एक सम्राट के तीन पुत्र थे। एक दिन सबसे बड़ा राजकुमार शिकार करने के लिए नगर से बाहर गया। तभी एक झाड़ी से अचानक एक खरगोश निकला। राजकुमार उसके पीछे दौड़ पड़ा। खरगोश इधर-उधर भागता हुआ एक पानी की चक्की में जा घुसा और राजकुमार भी उसके पीछे अंदर चला गया।


भानुमती की बुद्धिमानी और साहस


बीरपुर राज्य पर उसके शत्रुओं का लगातार खतरा मंडरा रहा था। अपनी प्रजा की सुरक्षा के लिए राजा ने सभी लोगों को पास के जंगल में चले जाने का आदेश दिया।

राजा के आदेश का पालन करते हुए सभी लोग जंगल में चले गए, लेकिन शोभा सिंह का परिवार वहीं रह गया।


बैल जैसे कान वाला राजा का बेटा


एक समय की बात है। एक राजा का एक बेटा था, जिसका शरीर बिल्कुल सामान्य बच्चे जैसा था, लेकिन उसके कान बैल जैसे थे। राजा हमेशा उसके कानों को अच्छी तरह ढककर रखता था और किसी को भी उन्हें देखने या उनके बारे में बात करने की अनुमति नहीं थी।


नमक जितना प्यार


बहुत समय पहले की बात है। एक राजा रहता था और उसकी तीन बेटियाँ थीं। एक दिन राजा ने सोचा कि वह जानना चाहता है कि उसकी तीनों बेटियों में से कौन उससे सबसे अधिक प्रेम करती है।

उसने अपनी तीनों बेटियों को बुलाया और पूछा, “मेरी प्यारी बेटियों, तुममें से प्रत्येक मुझसे कितना प्रेम करती है?”


चालाक सियार और घमंडी राजा


एक समय की बात है। एक राजा था जो बहुत धनी था। वह बहुत कठोर और घमंडी स्वभाव का था और किसी की भी बात का विरोध सहन नहीं करता था। उसके किसी नौकर या प्रजा में इतनी हिम्मत नहीं थी कि उसके आदेश पर सवाल उठा सके। यदि कोई ऐसा करता, तो राजा उसे गालियाँ देता और मारता-पीटता।


बुद्धि बड़ी या धन?


एक समय की बात है। एक राजा और एक धनी व्यापारी रहते थे। दोनों का एक-एक बेटा था। दोनों लड़के एक ही विद्यालय में पढ़ते थे और धीरे-धीरे बहुत अच्छे मित्र बन गए। वे विद्यालय के बाहर भी हमेशा साथ रहते थे। कभी व्यापारी का बेटा राजमहल में भोजन करता, तो कभी राजकुमार अपने मित्र के घर भोजन करने जाता।


राजकुमार और जादुई सुनहरे जानवर


एक समय की बात है। एक राजा था, जिसके कोई संतान नहीं थी। इसलिए राजा और उसकी पत्नी ने आपस में सहमति की कि राजा को दूसरा विवाह कर लेना चाहिए। राजा ने दूसरी शादी की। उसकी दूसरी पत्नी से दो पुत्र हुए। राजा और उसकी दोनों रानियाँ इस बात से बहुत प्रसन्न थे कि अब राजा के वारिस होंगे और सभी खुशी-खुशी रहने लगे।


सच्चे प्रेम की कहानी: कुँवर और राजकुमारी


एक समय की बात है। एक राजा के नगर में एक बहुत धनी व्यापारी रहता था। राजा ने अपने बच्चों को शिक्षा देने के लिए एक विद्यालय बनवाया था। नगर के लड़के-लड़कियाँ भी उस विद्यालय में पढ़ने जाते थे। व्यापारी का बेटा, जिसका नाम कुँवर था, वह भी वहाँ पढ़ता था। कुछ समय बाद सभी बच्चे पढ़ना-लिखना सीख गए। शाम के समय सभी लड़के अपने घोड़ों पर सवार होकर घूमने जाया करते थे।


हाथीदाँत के नगर की राजकुमारी गुलिज़ार



एक दिन एक युवा राजकुमार अपने पिता के मुख्य वज़ीर के बेटे के साथ तीरंदाजी का अभ्यास कर रहा था। उसी समय उसका एक तीर गलती से एक व्यापारी की पत्नी को जा लगा, जो पास ही एक मकान के ऊपरी कमरे में टहल रही थी।


राजकुमारी लाबाम और जादुई चारपाई

 


एक देश में एक राजा रहता था। उसका एक ही बेटा था, जो हर दिन शिकार खेलने जंगल जाता था।

एक दिन उसकी माँ रानी ने उससे कहा, “तुम इन तीन दिशाओं में जहाँ चाहो शिकार खेलने जा सकते हो, लेकिन चौथी दिशा में कभी मत जाना।”